सरसों की बिजाई के समय कौनसी खाद डालें, यह सवाल हर किसान के मन में रहता है। बिजाई के समय सही खाद देने से फसल की शुरुआती बढ़वार अच्छी रहती है।

इस लेख में आपको सरसों की बेसल डोज, DAP और SSP का विकल्प, पहली सिंचाई, यूरिया, MOP, सल्फर और बीज उपचार की जानकारी आसान किसान भाषा में मिलेगी।
जरूरी बात: खाद की जरूरत मिट्टी, किस्म, सिंचाई और पहले से खेत में मौजूद पोषक तत्वों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए मिट्टी की जांच उपलब्ध हो तो उसी के आधार पर खाद की मात्रा तय करना सबसे बेहतर है।
सरसों की बिजाई के समय कौनसी खाद डालें?
बिजाई के समय खेत में दी जाने वाली खाद को बेसल डोज कहा जाता है।
सरसों में बेसल डोज बनाते समय सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि DAP और SSP दोनों को एक साथ डालना जरूरी नहीं है। किसान अपनी मिट्टी और खाद की उपलब्धता के अनुसार उपयुक्त विकल्प चुन सकता है।
SSP वाला विकल्प
सिंचित सरसों के लिए एक प्रचलित खाद योजना में बिजाई के समय लगभग:
- SSP — 75 किलो प्रति एकड़
- MOP — 14 किलो प्रति एकड़
- यूरिया — 35 किलो प्रति एकड़
देने का तरीका बताया गया है।
इसके बाद पहली सिंचाई के आसपास बची हुई नाइट्रोजन की जरूरत के अनुसार यूरिया दी जाती है।
SSP की खास बात यह है कि इससे फास्फोरस के साथ सल्फर भी मिलता है। इसलिए अगर SSP इस्तेमाल कर रहे हैं तो अलग से सल्फर डालने से पहले खेत की कुल सल्फर जरूरत को ध्यान में रखें।
DAP वाला विकल्प
DAP इस्तेमाल करने वाले किसान को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि DAP में पहले से नाइट्रोजन और फास्फोरस होता है।
इसलिए DAP के साथ यूरिया की मात्रा बिना हिसाब के बढ़ाना सही नहीं है।
कुछ खाद योजनाओं में सरसों के लिए लगभग 50 किलो DAP प्रति एकड़ के साथ बाकी नाइट्रोजन यूरिया के माध्यम से देने का तरीका बताया जाता है। लेकिन पूरी यूरिया की मात्रा को बिजाई के समय एक साथ डालना जरूरी नहीं है। नाइट्रोजन का एक हिस्सा बाद में फसल की जरूरत के अनुसार देना बेहतर रहता है।
यानी DAP वाला किसान पहले DAP की मात्रा तय करे और उसके बाद कुल नाइट्रोजन की जरूरत के हिसाब से यूरिया की मात्रा तय करे।
DAP और SSP में क्या चुनें?
यह सवाल बहुत से किसान पूछते हैं कि सरसों में DAP डालें या SSP।
इसका जवाब खेत की मिट्टी पर निर्भर करता है।
DAP में:
नाइट्रोजन + फास्फोरस मिलता है।
SSP में:
फास्फोरस के साथ सल्फर भी मिलता है।
अगर खेत में सल्फर की जरूरत है तो SSP उपयोगी विकल्प हो सकता है। वहीं DAP इस्तेमाल करने पर सल्फर की जरूरत होने पर उसकी अलग से पूर्ति करनी पड़ सकती है।
इसलिए सिर्फ खाद का नाम देखकर फैसला न करें। खेत में किस पोषक तत्व की कमी है, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सरसों में MOP यानी पोटाश
MOP पोटाश की खाद है।
हर खेत में बिना जांच के MOP डालना जरूरी नहीं है। अगर मिट्टी में पोटाश की कमी है तो मिट्टी परीक्षण या स्थानीय कृषि सिफारिश के अनुसार MOP दिया जा सकता है।
जहां पोटाश पहले से पर्याप्त है, वहां बिना जरूरत अतिरिक्त MOP डालने से खाद का खर्च बढ़ सकता है।
सरसों में सल्फर क्यों जरूरी है?
सरसों तिलहनी फसल है और इसमें सल्फर का काफी महत्व है।
सल्फर की कमी होने पर फसल की बढ़वार और दाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए सरसों की खाद योजना बनाते समय सल्फर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर आप SSP इस्तेमाल कर रहे हैं तो उससे भी सल्फर मिलता है। इसलिए SSP के साथ अलग से सल्फर डालने से पहले यह देखना जरूरी है कि खेत को कुल कितने सल्फर की जरूरत है।
बिना जांच के सल्फर की बहुत ज्यादा मात्रा डालना भी सही तरीका नहीं है।
सरसों की पहली सिंचाई कब करें?
सरसों में पहली सिंचाई का समय बहुत महत्वपूर्ण है।
सामान्य रूप से सिंचित सरसों में पहली सिंचाई बिजाई के लगभग 20–25 दिन बाद फसल की अवस्था और खेत की नमी देखकर की जाती है।
हल्की मिट्टी में नमी जल्दी कम हो सकती है, जबकि भारी मिट्टी में नमी ज्यादा समय तक बनी रहती है। इसलिए केवल दिन गिनकर सिंचाई न करें।
खेत की नमी और फसल की अवस्था देखकर फैसला करें।
पहली सिंचाई के समय यूरिया
SSP आधारित खाद योजना में बिजाई के समय यूरिया देने के बाद पहली सिंचाई के आसपास बाकी नाइट्रोजन देने का तरीका अपनाया जाता है।
एक प्रचलित योजना में पहली सिंचाई के बाद लगभग 35 किलो यूरिया प्रति एकड़ देने की मात्रा बताई गई है।
लेकिन किसान को यह समझना जरूरी है कि यह मात्रा पूरी खाद योजना के हिस्से के रूप में है। अगर बिजाई के समय पहले ही अधिक नाइट्रोजन दी जा चुकी है तो बाद में बिना हिसाब के फिर ज्यादा यूरिया नहीं डालनी चाहिए।
सरसों का बीज उपचार कैसे करें?
सरसों की अच्छी फसल के लिए केवल खाद ही जरूरी नहीं है। बिजाई से पहले बीज उपचार भी बहुत महत्वपूर्ण है।
बीज उपचार करने से शुरुआती अवस्था में बीज और मिट्टी से जुड़े कुछ रोगों से फसल को बचाने में मदद मिलती है।
सरसों में तना गलन जैसे रोगों के नियंत्रण के लिए Carbendazim 50 WP की लगभग 2–3 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीज उपचार की कृषि सिफारिश उपलब्ध है।
दवा का इस्तेमाल करते समय अपने उत्पाद के पैकेट पर दिए गए वर्तमान लेबल और उपयोग निर्देश जरूर देखें।
जैविक बीज उपचार
सरसों के बीज में Azotobacter और PSB जैसे जैविक कल्चर का भी इस्तेमाल किया जाता है।
इनका इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात है कि उत्पाद के पैकेट पर लिखी हुई मात्रा और तरीका ही अपनाएं, क्योंकि अलग-अलग उत्पादों में कल्चर की सांद्रता अलग हो सकती है।
रासायनिक फफूंदनाशी और जैविक कल्चर को बिना जानकारी के एक साथ मिलाकर बीज पर न लगाएं। दोनों के उपचार का क्रम और अंतर संबंधित उत्पाद के निर्देश के अनुसार रखें।
बीज उपचार करने का आसान तरीका
- सबसे पहले साफ और स्वस्थ बीज लें।
जरूरत के अनुसार फफूंदनाशी से बीज उपचार करें।
उपचारित बीज को छाया में सुखाएं।
जैविक कल्चर का इस्तेमाल करना हो तो उत्पाद के निर्देश के अनुसार करें।
बीज को तेज धूप में न सुखाएं।
उपचार के बाद समय पर बिजाई करें।
गोबर की खाद डालें या नहीं?
अगर खेत में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट उपलब्ध है तो उसका इस्तेमाल मिट्टी की उर्वरता सुधारने के लिए किया जा सकता है।
लेकिन हर किसान के पास ट्रॉली का आकार और खाद की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। इसलिए केवल “इतनी ट्रॉली जरूर डालें” जैसी एक निश्चित मात्रा हर खेत के लिए सही नहीं होगी।
अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद को खेत की स्थिति और उपलब्धता के अनुसार इस्तेमाल करें।
सरसों में किसान सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?
कई बार किसान अच्छी फसल की उम्मीद में एक साथ बहुत सारी खाद डाल देते हैं।
जैसे:
DAP + SSP + ज्यादा यूरिया + MOP + अलग से ज्यादा सल्फर
ऐसा करना जरूरी नहीं है।
फसल को ज्यादा खाद नहीं, बल्कि संतुलित पोषण चाहिए।
पहले यह पता करें कि मिट्टी में किस पोषक तत्व की जरूरत है। इसके बाद उसी हिसाब से खाद का स्रोत और मात्रा तय करें।
सरसों की खाद योजना एक नजर में
SSP वाला विकल्प
बिजाई के समय:
- SSP — लगभग 75 किलो/एकड़
- MOP — लगभग 14 किलो/एकड़
- यूरिया — लगभग 35 किलो/एकड़
पहली सिंचाई के आसपास:
- यूरिया — लगभग 35 किलो/एकड़
यह मात्रा एक विशेष खाद योजना के रूप में समझें। मिट्टी की जांच और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
DAP वाला विकल्प
DAP आधारित योजना में लगभग 50 किलो DAP प्रति एकड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है और नाइट्रोजन की बाकी जरूरत यूरिया से पूरी की जाती है।
लेकिन DAP और यूरिया की पूरी मात्रा बिजाई के समय एक साथ डालना जरूरी नहीं है। नाइट्रोजन की कुल जरूरत को ध्यान में रखकर उसका एक हिस्सा बाद में दिया जा सकता है।
DAP लेने वाले किसान को SSP वाली पूरी मात्रा भी साथ में नहीं डालनी है।
सरसों की खेती में ये बातें याद रखें
- DAP और SSP दोनों को एक साथ डालना जरूरी नहीं है।
- मिट्टी की जांच हो तो उसी के आधार पर खाद की योजना बनाएं।
- SSP से मिलने वाले सल्फर को कुल खाद योजना में शामिल करें।
- MOP जरूरत के अनुसार ही दें।
- यूरिया जरूरत से ज्यादा न डालें।
- पहली सिंचाई सामान्यतः 20–25 दिन के आसपास होती है, लेकिन खेत की नमी भी देखें।
- बीज उपचार बिजाई से पहले जरूर करें।
- रासायनिक दवा और जैविक कल्चर को मनमाने तरीके से न मिलाएं।
- कृषि रसायनों का इस्तेमाल हमेशा उत्पाद के वर्तमान लेबल और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सरसों की बेसल डोज क्या होती है?
बिजाई के समय खेत में दी जाने वाली खाद को बेसल डोज कहते हैं। इसमें फसल की शुरुआती जरूरत के अनुसार नाइट्रोजन, फास्फोरस और जरूरत होने पर पोटाश व सल्फर दिया जाता है।
सरसों में DAP डालें या SSP?
यह मिट्टी और फसल की जरूरत पर निर्भर करता है। DAP से नाइट्रोजन और फास्फोरस मिलता है, जबकि SSP से फास्फोरस के साथ सल्फर भी मिलता है।
सरसों में पहली सिंचाई कब करें?
सामान्य रूप से पहली सिंचाई बिजाई के करीब 20–25 दिन बाद की जाती है। लेकिन मिट्टी की नमी और मौसम के अनुसार समय आगे-पीछे हो सकता है।
सरसों में पहली सिंचाई के बाद कितनी यूरिया डालें?
एक प्रचलित खाद योजना में पहली सिंचाई के बाद लगभग 35 किलो यूरिया प्रति एकड़ की मात्रा बताई जाती है। लेकिन अगर पहले ही पर्याप्त नाइट्रोजन दी जा चुकी है तो कुल खाद योजना को ध्यान में रखना जरूरी है।
सरसों में सल्फर देना जरूरी है?
सरसों में सल्फर महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। इसकी जरूरत मिट्टी में उपलब्ध सल्फर और इस्तेमाल की जा रही खाद पर निर्भर करती है। SSP से भी सल्फर मिलता है।
| खाद / पोषक तत्व | SSP वाला विकल्प | DAP वाला विकल्प | कब देना है |
|---|---|---|---|
| SSP | 75 किलो/एकड़ | — | बिजाई के समय |
| DAP | — | लगभग 50 किलो/एकड़ | बिजाई के समय |
| यूरिया | 35 किलो/एकड़ | कुल जरूरत के अनुसार | बिजाई + बाद में |
| MOP (पोटाश) | 14 किलो/एकड़ | जरूरत के अनुसार | बिजाई के समय |
| सल्फर | SSP से मिलता है | कमी होने पर अलग से | मिट्टी की जरूरत के अनुसार |
| पहली सिंचाई | 20–25 दिन के आसपास | 20–25 दिन के आसपास | मिट्टी की नमी देखकर |
| पहली सिंचाई के बाद यूरिया | लगभग 35 किलो/एकड़ | कुल नाइट्रोजन जरूरत के अनुसार | पहली सिंचाई के बाद |
नोट: DAP और SSP दोनों को एक साथ इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। खाद की मात्रा मिट्टी की जांच, किस्म, सिंचाई और खेत की स्थिति के अनुसार बदल सकती है।
सरसों का बीज उपचार कैसे करें?
बीज उपचार के लिए फसल में अनुशंसित फफूंदनाशी का इस्तेमाल उसके लेबल के अनुसार करें। सरसों में Carbendazim 50 WP से बीज उपचार की सिफारिश उपलब्ध है। जैविक कल्चर इस्तेमाल करते समय उत्पाद के निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष
सरसों की अच्छी फसल के लिए सिर्फ ज्यादा खाद डालना जरूरी नहीं है। असली फायदा तब मिलता है जब बिजाई के समय सही बेसल डोज, सही बीज उपचार और सही समय पर पहली सिंचाई की जाए।
DAP या SSP में से चुनाव खेत की जरूरत के अनुसार करें। SSP इस्तेमाल कर रहे हैं तो उससे मिलने वाले सल्फर को भी अपनी खाद योजना में शामिल करें। MOP और अतिरिक्त सल्फर जरूरत के अनुसार ही दें और यूरिया की कुल मात्रा को पूरे फसल चक्र में संतुलित रखें।
किसान भाई, दूसरे खेत में इस्तेमाल हुई खाद की मात्रा को अपने खेत में आंख बंद करके कॉपी न करें। मिट्टी की जांच और खेत की स्थिति के हिसाब से खाद देना ही सबसे सुरक्षित और सही तरीका है।
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